नार्निया फिल्म में बताया था
की नार्निया में २४ दिसम्बर ही था वह २५ दिसम्बर नहीं आया और बरफ जमी रही
बाद में २५ दिसम्बर आया और हैप्पी क्रिशमिश आया
तब वहा के लोग खुश हो गए
बर्फ पिगली खुशिया आयी
सचमुच सर्दी में हम नार्निया लैंड की तरह जम जाते हे
हमारी दिनचर्या भी कम होती हे
लेट उठना , जल्दी घर जाना , कम से कम घूमना , दुबके रहना
आलस्य करना आदि
हमारे यहाँ मकर संकान्त्री से सर्दिया जाती हे
फिर बसंत पंचमी फिर धीरे धीरे सर्दिया जाती हे
फिर से सब हम और प्रकर्ति एक्टिव मोड पर होते हे
एक विशेष बात कही मिली
व्यक्तियों की बजाय विचारों की प्रसंशा करना ज्यादा सेफ हे
कृप्या इस पर सोचे
की नार्निया में २४ दिसम्बर ही था वह २५ दिसम्बर नहीं आया और बरफ जमी रही
बाद में २५ दिसम्बर आया और हैप्पी क्रिशमिश आया
तब वहा के लोग खुश हो गए
बर्फ पिगली खुशिया आयी
सचमुच सर्दी में हम नार्निया लैंड की तरह जम जाते हे
हमारी दिनचर्या भी कम होती हे
लेट उठना , जल्दी घर जाना , कम से कम घूमना , दुबके रहना
आलस्य करना आदि
हमारे यहाँ मकर संकान्त्री से सर्दिया जाती हे
फिर बसंत पंचमी फिर धीरे धीरे सर्दिया जाती हे
फिर से सब हम और प्रकर्ति एक्टिव मोड पर होते हे
एक विशेष बात कही मिली
व्यक्तियों की बजाय विचारों की प्रसंशा करना ज्यादा सेफ हे
कृप्या इस पर सोचे
