रमेश , सुरेश क्या दिन थे यार पुराने दोस्त जब मिलते हे
ये एक चोकोलेट के विज्ञापन में आता हे
मेरे बीकानेर में कोटगेट रेलवे क्रोस्सिंग पर मेने ये SCENE देखा था
दरअसल कोटगेट रेलवे क्रोस्सिंग लगभग हर आधे घंटे में बंद हो जाता हे और वह ट्राफिक जम लग जाता हे आप कही नहीं जा सकते जब तक ट्रेन नहीं आती , गेट नहीं खुलता
बहुत सारे SCENE मिल जाते हे
विदेशी लोग पहले फोटो शोटो ले लेते हे वे एसा मोका ढूंड लेते हे
कुछ इस समय मोबाइल से बतियाते हे
दो लोग तो लड़ रहे थे की इस रस्ते आये ही क्यों पुलिया से जाना था वो कह रहा था पेट्रोल का भाव पता हे
जायदातर लोग गालिया निकाल रहे थे
कुछ सरक रहे थे , कोई होर्न ही मार रहा था
कोई गर्मी कोस रहा था
हम सब में एक समानता थी हम बुरी तरह से फंसे था 44 का TEMPERTURE और जाम
हम सब चाहे कोई धरम के हो , कही सर न जुकाए , पर इस रेल फाटक के आगे सर जुका के निकलते हे
वही मुज को दो दोस्त मिले और क्या चल रहा हे
कितने साल बाद मिले हो मुज को वो ADD याद आया
लगा जेसे कुम्भ के मेले में बिछड़े हो
खेर सायद लम्बे समय बाद मिले
एक दुसरे से मोबाइल नंबर लिए
घर का ADDRESS भी लिए
चाय पर INVITE किया
रमेश , सुरेश क्या दिन थे यार पुराने दोस्त जब मिलते हे
ये एक चोकोलेट के विज्ञापन में आता हे
चलो कितने फायदे ये रेल फाटक के
१. बिछड़े दोस्त मिलते हे
२. मोबाइल की बात का समय बचत
३.चिंतन का समय
४. ब्रेक मितला हे
५. और टूरिस्ट का फोटो प्लेस
६.असली गर्मी का अनुभव
७.सरकार को गली देने का टाइम
८. और आप खुद सोचो यार ..................
लो जी फाटक खोल दिया होर्न बजने लगे निकल पड़िए
धन्यवाद रेलवे फाटक
