Blogvani.com

Saturday, February 18, 2012

नारियल का तेल अभी तक पिघला नहीं

इस बार तो सर्दी काफी लम्बी अवधि की पड़ी हे मेरा लाया नारियल का तेल अभी तक पिघला नहीं हे रोज धुप में रखना पड़ता हे
मुजको याद हे २६ जनवारी को गर्मी की तपन महसूस होती जब स्कूल में धुप में होते थे 
देश में राजनीती उथल पुथल चल रही हे ये बाते चाय के समय अछी लगती हे  चाय से याद आया 
टाटा चाय का विज्ञापन बड़ा अच्छा लगता हे देश  उबल रहा हे तभी तो रंग आएगा आएगा जोश 
वेसे अभी का समय खुद के विकास के लिए ठीक हे सुचना और संचार और तकनीक बस एक किल्क 

 तो इस निरासजनक राजनीती के दौर में हम सब को अपना विकास अवस्य करना चाहिए 
इस ब्लॉग के जरिया हम क्यों किसी की राजनीती बुराई करे .

बाल साहित्य


बच्चो की दुनिया में  बाल साहित्य का बड़ा ही महत्व हे छोटी कहानी , कविता बाल मन पर बड़ा गहरा प्रभाव डालती हे .
twinkle twinkle little star  हो या pusy cat या jingal bell या humpy dumpy .
सारी कविता अमर हो गयी
कहानियो की ज्यादातर  सुरुवात रात की नींद को लेकर  ही हे .
नानी दादी जब नींद नहीं आती तो कहानियो की सुरुवात कर देती हे
एक था राजा या बहुत पुराणी बात हे
या राजा के सात रानी या सात बेटे  कुल मिलकर कहानी लम्बी हो या कहानी के पत्र ज्यादा  हो ताकि रात गुजर सके नाती पोते पूरी कहानी कई महीनो तक सुनता .
arabian nights  की कहानी में भी सुल्तान को नींद नहीं आती तो एक औरत उसको कहानिया सुनाती.
अरब में लम्बी रातो में ही सिंदबाद , अलीबाबा की कहानिया रची गयी.
भारत  में राजकुमारों को ज्ञान देने के लिए पंचतंत्र और हितोप्रदेश की रचना की गयी.
भारतीय  बाल साहित्यों में जानवरों को पहली बार बोलते हुए बताया गया.
युरोपे में तब परियो की कहानियो का दौर  चला तब syandralla , seven drawf , में  गरीब पात्र आ गए
ग्रीम बंधू (greem brothers) ने परी कथा में खूब  लिखा
एक कहानी तो आप को याद होगी जब राजा बिना कपड़ो के  गुमता हे एक बच्चा सच कह देता हे
रूस में भी सुंदर बाल साहित्य रचा गया राजकुमार यिवान और मेंडक राजकुमारी आदि






 शेष फिर कभी